
一 | जागरण संवाददाता, गोरखपुर। गोरखपुर के रास्ते अयोध्या से जनकपुर के बीच रेल सेवा शुरू करने के लिए दिल्ली में फिर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। संबंधित मंत्रालयों के बीच विचार-विमर्श आरंभ है। सहमति बन गई तो अयोध्या-जनकपुर रेलमार्ग को यथाशीघ्र पंख लग जाएंगे। दोनों देशों को नई ट्रेन का उपहार मिल जाएगा। अयोध्या से जनकपुर की राह आसान हो जाएगी। भारत और नेपाल के संबंध और प्रगाढ़ होंगे।,रेल मंत्रालय की पहल पर पिछले साल से ही अयोध्या को रेलमार्ग से जनकपुर के जोड़ने की कवायद चल रही है। उत्तर रेलवे के प्रस्ताव पर पूर्वोत्तर रेलवे और पूर्व मध्य रेलवे की सहमति के बाद रेल मंत्रालय ने नेपाल सरकार से वार्ता की तैयारी भी शुरू कर दी थी। नेपाल सरकार ने तो नई ट्रेन के लिए रूट, ठहराव और समय सारिणी भी तैयार कर ली थी। लेकिन, नेपाल में राजनीतिक उठापटक के चलते रेल सेवा को लेकर दोनों देशों के बीच आपसी समन्वय स्थापित नहीं हो पाया।,प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया। अब मंत्रालयों में फिर से चर्चा ने दोनों देशों के बीच नई ट्रेन चलाने की उम्मीद जगा दी है। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही प्रस्ताव फाइलों से बाहर निकलेगा। यद्यपि, उत्तर रेलवे ने 2024 में ही अयोध्या से जनकपुर के बीच 03219/03220 नंबर की साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन चलाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया था। प्रस्ताव के अनुसार नई ट्रेन शुरुआत में सप्ताह में एक दिन स्पेशल के रूप में चलाई जाएगी।,आने वाले दिनों में इस ट्रेन को नियमित ट्रेन के रूप में परिवर्तित कर दिया जाएगा। यह ट्रेन अयोध्या से चलकर गोरखपुर, नरकटियागंज, रक्सौल, सीतामढ़ी, दरभंगा और जयनगर के रास्ते नेपाल के जनकपुर पहुंचेगी। दोनों तीर्थ स्थलों की यात्रा में ट्रेन से आने-जाने में कुल 22:20 घंटे लगेंगे। ट्रेन जनकपुर से चलकर प्रत्येक शनिवार को सुबह 06:10 बजे अयोध्या कैंट पहुंचेगी।,यह भी पढ़ें- गोरखपुर में लाइट एंड साउंड शो से दिखाएंगे गोरखा जवानों की शौर्यगाथा, CDS और CM योगी करेंगे शिलान्यास इसके लिए ट्रेन कटरा स्टेशन पर सुबह 05:25 बजे प्वाइंट इंटरचेंज करेगी। नेपाल सरकार के तैयार प्रस्ताव के अनुसार जनकपुर से यह ट्रेन शनिवार को दोपहर 01:30 बजे अयोध्या के लिए प्रस्थान कर अगले दिन रविवार को सुबह 4:00 बजे अयोध्या पहुंचेगी। अयोध्या से यह ट्रेन शाम 17 बजे प्रस्थान कर मंगलवार को सुबह 8:00 बजे जनकपुर पहुंचेगी।。北京时间1月14日早些时候,美国科技媒体arstechica引用了信息安全公司Crowdstrike和Fireeye周四发布的两项研究,显示最近发现的一个勒索软件组织自去年8月以来已经赚了近400万美元。

二 | 该组织在该行业选择了一种不寻常的做法:有选择地为最初受到感染且经济实力雄厚的目标植入恶意加密软件。这与使用勒索软件感染所有潜在受害者的常见策略不同。两份报告都显示,该组织用一种叫Ryuk的勒索软件感染了大型企业。

三 | 几天,几周,甚至一年前,这些目标中的大多数已经感染了一种名为trickbot的特洛伊木马。相比之下,小企业在被Trickbot感染后很少受到Ryuk的攻击。Crowdstrike表示,这种方法是“寻找大目标”,自去年8月以来,其运营商已从52笔交易中赚取370万美元比特币。除了精确定位,这种方法还有其他好处:有一个“停留时间”,从最初感染到安装勒索软件之间的一段时间。这给攻击者分析受感染网络的时间,从而确定网络中最关键的系统,并获取受感染系统的密码,然后释放勒索软件,从而造成最大的损害。(张帆)。

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Published on:12:43:10
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