- 作者:扁陵开伯
- 来源:绝望主妇
- 发布时间:2026-08-26
进击的巨人
兴城市规范市场经营秩序 构建和谐旅游环境_我的网站

A | राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। (Income Growth Per Capita Income): दिल्ली में जनसंख्या बढ़ने के साथ ही यहां के लोगों की आय भी बढ़ी है। शहरी क्षेत्र का विस्तार होने से यहां की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी कम हुई है। इसकी तुलना में सेवा क्षेत्र व औद्योगिक इकाइयों की संख्या बढ़ी है।,यही कारण है कि दिल्ली तीन सबसे संपन्न राज्यों में शामिल है। यहां प्रति व्यक्ति आय 4.93 लाख रुपये है। इससे आगे सिर्फ सिक्किम है। सिक्किम में प्रति व्यक्ति 5.87 लाख है। वर्ष 2022-23 में गोवा दूसरे स्थान पर था। पिछले दो वर्षों से उसका आंकड़ा जारी नहीं हुआ है। केंद्र शासीत प्रदेश में दिल्ली सबसे अागे है। इसके बाद चंडीगढ़ है। वर्ष 2011-12 में दिल्ली की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी 3.5 प्रतिशत तक थी। अब यह एक प्रतिशत से भी कम रह गया है। इस दौरान निर्माण क्षेत्र की हिस्सेदारी लगभग 13 प्रतिशत बनी हुई है। वहीं, सेवा क्षेत्र की हिस्सेदारी 83.4 प्रतिशत से बढ़कर 86.6 प्रतिशत हो गई है। इससे लोगों की आय बढ़ी है। महाराष्ट्र, गुजरात जैसे राज्य जहां की जनसंख्या अधिक होने के साथ ही उद्योग को भी बढा़वा मिला है। इसके बाद भी वह प्रति व्यक्ति आय में दिल्ली से पीछे हैं।,दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय देश की औसत प्रति व्यक्ति आय से 2.4 गुना अधिक है। राज्य सरकार के आर्थिक एवं सांख्यिकी निदेशालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार प्रति व्यक्ति आय में सात प्रतिशत से अधिक की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, यह राष्ट्रीय औसत से कुछ कम है।,इसे और बढ़ाने के लिए सेवा व पर्यावरण अनुकूल औद्योगिक इकाइयों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है। रिपोर्ट में सिर्फ पंजीकृत औद्योगिक इकाइयों को शामिल किया गया है। यहां आवासीय क्षेत्रों में बड़ी संख्या में अवैध औद्योगिक इकाइयां चल रही हैं। इन्हें औद्योगिक क्षेत्रों में स्थानांतरित करने की आवश्यकता है। इससे दिल्ली की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। दिल्ली सरकार ने इसी सप्ताह स्टार्टअप पालिसी का ड्राफ्ट घोषित किया है। अगले 10 वर्षों में दिल्ली को इनोवेशन हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है। निजी भागीदारी से औद्योगिक क्षेत्रों के विकास करने का निर्णय लिया गया है। पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा देने की नीति तैयार की जा रही है। इससे आने वाले वर्षों में यहां रोजगार के अवसर बढ़ेगें।
जीडीपी में 11 वें स्थान पर
सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में दिल्ली पड़ोसी राज्य हरियाणा व पंजाब से आगे है। रिपोर्ट के अनुसार वर्तमान मूल्य पर दिल्ली का जीएसडीपी वर्ष 2011-12 में 343798 करोड़ रुपये था। वर्ष 2024-25 में 1215003 करोड़ रुपये हो जाने की उम्मीद है। स्थिर मूल्य पर देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में दिल्ली के जीएसडीपी के योगदान में गिरावट आई है। स्थिर मूल्यों पर राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद में दिल्ली का जीएसडीपी योगदान वर्ष 2011 -12 में 3.94 प्रतिशत था। वर्ष 2024-25 में इसके 3.79 प्रतिशत रहने का अनुमान है।दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय (लाख रुपये)
वर्ष-2011-12- 2016-17- 2017-18- 218-19- 2019-20- 2020-21- 2021-22- 2022-23- 2023-24 आय-185001-295558-318323-338730-355798-322311-376217-430120-461910प्रति व्यक्ति औसत आय में वृद्धि (प्रतिशत में)
वर्ष-2016-17 2017-18 2018-19 2019-20 2020-21 2021-22 2022-23 2023-24 दिल्ली-9.36- 7.70- 6.41- 5.04- 9.41 – 16.72- 14.33- 7.39 राष्ट्रीय-10.6- 9.9- 9.3- 5.1- -3.9- 18.6- 12.3- 8.7अधिक प्रति व्यक्ति आय वाले राज्य
राज्य-प्रति व्यक्ति आय (लाख रुपये)- सिक्किम-5.87
- दिल्ली- 4.93
- गोवा-4.29
- चंडीगढ़-3.99
- तेलंगाना-3.56
राज्यों का जीएसडीपी (लाख करोड़ रुपये)
राज्य-जीएसडीपी (लाख करोड़ रुपये)- महाराष्ट्र-40.4
- तमिलनाडु-27.2
- उत्तर प्रदेश-25.5
- कर्नाटक-25
- गुजरात-22
- बंगाल-17
- राजस्थान-15.3
- तेलंगाना-15
- आंध्र प्रदेश-14.4
- मध्य प्रदेश-13.6
- दिल्ली-12.15
दिल्ली में कुल पंजीकृत कारखानों की संख्या
- वर्ष- 2021-2022-2023
- कारखाने-8613-8690-8750

B | 为进一步加强兴城古城景区综合治理工作,规范景区经营主体从业行为,维护良好经营秩序,近日,兴城市市场监管局深入兴城古城景区,对市场监管领域专项整治行动的成效开展“回头看”。

C | 据了解,此次检查针对景区内亮照经营、明码标价、食品安全、质量安全、计量器具、进货查验索证索票等前期整治的重点内容进行再检查、再督导,要求商户坚决杜绝以次充好、缺斤少两、虚假宣传、诱导收费、销售“三无”产品、假冒伪劣商品等违法违规行为。对个别商户未亮照经营、部分商品标签不符合规定等问题责令限期整改,压紧压实景区内经营商户主体责任。 此外,执法人员还向新开业的商户认真宣贯《中华人民共和国消费者权益保护法》《中华人民共和国食品安全法》等相关法律法规,并对商户提出的问题进行现场答疑解惑。 此次“回头看”检查行动,市场监管局共出动检查人员20余人次,检查经营主体30余家,发现问题并当场整改4户。 《日报》全媒体记者 薛利超。
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Published on:14:24:25
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